स्‍वतंत्रता दिवस

"एक ऐसा पल आता है, जो इतिहास में बहुत दुर्लभ है, जब हम पुराने समय से नए समय में प्रवेश करते हैं, जब एक युग पूरा होता है और एक राष्‍ट्र की आत्‍मा लंबे समय तक दमित रहने के बाद स्‍वयं को अभिव्‍यक्‍त करती है"

पंडित जवाहर लाल नेहरू

 

15 अगस्‍त समारोह का अवसर है जब हम अपनी आजादी का जश्‍न मनाते हैं और उन लोगों के प्रति श्रद्धांजलि व्‍यक्‍त करते हैं जिन्‍होंने हमारे सुखद वर्तमान के लिए अपने जीवन का बलिदान दिया। एक ऐसा त्‍यौहार जो प्रत्‍येक भारतीय नागरिक के हृदय के नजदीक है, स्‍वतंत्रता दिवस एक लंबी यात्रा का समारोह है जो लाखों बहादुर भारतीय नागरिकों द्वारा उप निवेश शासन को समाप्‍त करने के लिए आरंभ की गई थी।

आजादी का रास्‍ता  DSC05045

भारतीय स्‍वतंत्रता संग्राम के अनेक अध्‍याय हैं, जो 1857 की बगावत से लेकर जलियांवाला नर संहार तक, असहयोग आंदोलन से लेकर नमक सत्‍याग्रह तक और इसके अलावा अनेक से मिलकर बना है। भारत ने एक लंबी और कठिन यात्रा तय की जिसमें अनेक राष्‍ट्रीय और क्षेत्रीय अभियान शामिल हैं और इसमें दो मुख्‍य हथियार थे सत्‍य और अहिंसा

हमारे आजादी के संघर्ष में भारत के राजनैतिक संगठनों का व्‍यापक वर्णक्रम, उनके दर्शन और अभियान शामिल हैं, जिन्‍हें केवल एक पवित्र उद्देश्‍य के लिए संगठित किया गया, ब्रिटिश उप निवेश प्राधिकार को समाप्‍त करना और एक स्‍वतंत्र राष्‍ट्र के रूप में प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ना।

14 अगस्‍त 1947 को सुबह 11.00 बजे संघटक सभा ने भारत की स्‍वतंत्रता का समारोह आरंभ किया, जिसे अधिकारों का हस्‍तांतरण किया गया था। जैसे ही मध्‍यरात्रि की घड़ी आई भारत ने अपनी स्‍वतंत्रता हासिल की और एक स्‍वतंत्र राष्‍ट्र बन गया। यह ऐसी घड़ी थी जब स्‍वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने नियति के साथ भेंट ‘ट्रिस्‍ट विद डेस्टिनी‘ नामक अपना प्रसिद्ध भाषण दिया।

इसके बाद तिरंगा झण्‍डा फहराया गया और लाल किले के प्राचीर से राष्‍ट्रगान गूंज उठा। आजादी के संषर्घ के बारे में और अधिक जानकारी पाने के लिए यहां क्लिक करें

देश भक्ति की भावना

पूरे देश में अनूठे समर्पण और अपार देशभक्ति की भावना के साथ स्‍वतंत्रता दिवस मनाया जाता है।

राष्‍ट्रपति द्वारा स्‍वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्‍या पर ‘राष्‍ट्र को संबोधन‘ दिया जाता है। इसके बाद अगले दिन दिल्‍ली में लाल किले पर तिरंगा झण्‍डा फहराया जाता है। राज्‍य स्‍तरों पर हम विशेष स्‍वतंत्रता दिवस समारोह देखते हैं, जिसमें झण्‍डा आरोहण समारोह, सलामी और सांस्‍कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ये आयोजन राज्‍य की राजधानियों में किए जाते हैं और आम तौर पर उस राज्‍य के मुख्‍य मंत्री कार्यक्रम की अध्‍यक्षता करते हैं। छोटे पैमाने पर शैक्षिक संस्‍थानों में, आवासीय संघों में, सांस्‍कृतिक केन्‍द्रों तथा राजनैतिक सभाओं में भी इनका आयोजन किया जाता है।

एक अन्‍य अत्‍यंत लोकप्रिय गतिविधि जो स्‍वतंत्रता की भावना का प्रतीक है और यह है पतंगें उड़ाना। आसमान में हजारों रंग बिरंगी पतंगें देखी जा सकती हैं, ये चमकदार पतंगें हर भारतीय के घर की छतों और मैदानों में देखी जा सकती हैं और ये पतंगें इस अवसर के आयोजन का अपना विशेष तरीका है।

शानदार ट्रिविया

DSC05044कुल 395 अनुच्‍छेदों और आठ अनुसूचियों के साथ दुनिया में भारतीय संविधान सबसे बड़ा लिखित संविधान है।

  • गान ‘जन-गण-मन’ को मूल रूप से बंगला में गुरू रविन्‍द्र नाथ टैगोर ने लिखा जिसके हिन्‍दी संस्‍करण को 24 जनवरी 1950 को राष्‍ट्रगान के रूप में संघटक सभा द्वारा अंगीकार किया गया। इसे भारतीय राष्‍ट्रीय कॉन्‍ग्रेस के कलकत्ता सत्र में सर्व प्रथम 27 दिसम्‍बर, 2011 को गाया गया।
  • भारत का राष्‍ट्रगीत वंदे मातरम, संस्‍कृत में बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा लिखा गया और यह आजादी की लड़ाई में भाग लेने वाले लोगों के लिए एक प्रेरणा स्रोत था। इसे ‘जन-गण-मन’ के बराबर दर्जा प्राप्‍त है। इसे भारतीय राष्‍ट्रीय कॉन्‍ग्रेस के 1896 के सत्र में पहली बार राजनैतिक अवसर पर गाया गया था।

भारतीय राष्‍ट्रीय पोर्टल पर आयोजन

प्रत्‍येक भारतीय के लिए एक मनपसंद वेब स्‍थल भारतीय राष्‍ट्रीय पोर्टल उन सभी आयोजनों का संपूर्ण कवरेज प्रस्‍तुत करता है जो आजादी के इन समारोहों को सच्‍चे अर्थों में विशिष्‍ट बनाते हैं।

15 अगस्‍त की पूर्व संध्‍या को राष्‍ट्र के नाम राष्‍ट्रपति के संबोधन  के जीवंत वेब कास्‍ट से आरंभ करते हुए नई दिल्‍ली में लाल किले पर होने वाले विभिन्‍न कार्यक्रम, एनपीआई में सब कुछ उपलब्‍ध है। आप प्रधानमंत्री के भाषण का पूरा पाठ यहां देख सकते हैं और विजेता शूरवीरों और प्रतिभावान भारतीयों की पुरस्‍कार सूची भी यहां उपलब्‍ध है जो उन्‍हें राष्‍ट्र की सेवा में असाधारण उपलब्धि तथा विशिष्‍ट सेवाओं के लिए प्रदान किए जाते हैं सूची के लिए यहां क्लिक करें

आप इस अवसर पर राष्‍ट्रीय ध्‍वज, राष्‍ट्रीय गान और राष्‍ट्रीय गीत को भी डाउनलोड कर सकते हैं।

एक देश के इतिहास में इसकी क्रांति की महानता की झलक शामिल होती है। उप निवेश शासन के अधीन रहने वाले एक देश से लेकर वैश्विक परिदृश्‍य में एक विकासशील उन्‍नत राष्‍ट्र के रूप में भारत ने नि:संदेह एक लंबी यात्रा पूरी की है। राष्‍ट्र का यह रूपांतरण प्रत्‍येक भारतीय के मन में एक गर्व की भावना भर देता है, फिर चाहे वह देश में हो या परदेस में।

समारोह

 

 

यह पोस्ट भारत.गोव.इन से साभार सिर्फ जानकारी उपलब्ध कराने के उद्धेश्य से लिया गया है.