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हेलो दोस्तों ! कैसे हैं आप सब ?

 

Laviza

 

आपको पता है, पापा मेरे लिए एक स्लेट (व्हाईट-बोर्ड) लेकर आयें हैं.

 

Laviza

 

मुझसे पहले इस पर लिखना ही नहीं आ रहा था.. जैसे कि मार्कर तो मेरे हाथ कि पकड़ में ही नहीं आ रहा था… फिर पापा ने मेरे हाथों को पकड़ कर कुछ कुछ लिखना सिखाया… 🙂

  Laviza Laviza
 

लेकिन ज्यादा देर तक मैं उनको मौंका नहीं दिया.. क्यूंकि हर काम मुझे ‘अपने से’ करने का शौक है 🙂

फिर तो मैंने लगन और मेहनत से खूब लिखा-पढ़ी की.

 

Laviza

 

ये देखिये मेरी लगन और मेहनत का नतीजा 🙂

वैसे तो मुझे पढने का बहुत शौक है.. स्कूल रोज़ जाती हूँ और खेल के साथ साथ पढाई भी करती हूँ.. घर पर भी मैं अपने आप किताबें लेकर बैठ जाती हूँ और मम्मा से खूब पढ़ती हूँ.

 

Laviza

  बहुत हो गयी पढाई लिखाई… अब थोड़ी मस्ती हो जाये…. आपसे फिर मिलती हूँ… तब तक के लिए बाय.. बाय…
   
  -आपकी लवी
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