कल सन्डे को मम्मी पापा दोनों ही घर पर थे. शाम को कुछ मेहमान भी आने वाले थे. मैंने बताया था ना आपको, वो मेरी गुडगाँव वाली दोस्त मारिया, तो मम्मी उसी की तैयारी कर रही थी.

सन्डे को तो मेरा बाथिंग डे होता है. वैसे तो मैं आजकल हफ्ते में एक दो दिन नहा लेती हूँ. पर संडे तो फिक्स है. उस दिन नानी कुछ ज्यादा ही मेहनत कर देती है मुझ पर.

पहले नीम के पत्ते उबाले जाते है फिर उस पानी से नहलाया जाता है मुझे. नहाने में तो मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं होती पर पता नहीं कल मेरा मूड नहीं था. पर मम्मी और नानी ने छोड़ा ही नहीं.

और ये मेरा स्विमिंग पूल देख रहे है, बड़े पापा लेकर आये थे ये, नहीं जानते आप उन्हें ?? चलो कोई बात नहीं उनकी फोटो दिखाउंगी आपको मैं. हाँ तो मैं कह रही थी की ये स्वीमिंग पूल मेरे बड़े पापा लाये थे और ये टियर फ्री शैंपू भी लेकर आये थे मेरे लिए. और भी बहुत कुछ लाये थे, पर बाद में बताउंगी उसके बारे में.

आज पापा मेरे स्वीमिंग पूल में हवा भरवा कर ले आये और छत पर धुप में रख दिया. पहले तो जब मम्मी ने मुझे उसमे बैठाया तो मुझे लगा की ये तो कोई खेलने की चीज है. पर इसमें बैठ कर तो नहाया जाता है.

खैर, मैंने जब बहुत ही परेशान करना शुरू किया तो नानी ने जल्दी जल्दी मुझे नहलाया और कमरे में ले आयी.

फिर तैयार होने के बाद दूध पीते पीते मुझे कब नींद आ गयी मुझे पता ही नहीं चला.