कल जब पापा घर आये, मैं सो रही थी. मैंने नींदों में ही उनको देखो और उनको एक स्माईल दी और वापस सो गयी. तभी मुझे अचानक याद आया की मुझे तो पापा को कुछ बताना है.

वो ये की मेरे हाथ और पैरों में कुछ मच्छरों ने काट लिया था और उसे शायद मैंने नाख़ून से खुरच दिया होगा तो एक मेरे हाथ में और एक पैर में छोटे छोटे दो जख्म बन गए हैं. और यही बताने के लिए तो मैं नींद से उठ गयी. मैंने स्वेटर का आस्तीन ऊपर किया और पापा को जख्म दिखाया.

फिर पापा ने जख्म पर थोडा सा क्रीम लगाया और फिर मैं सो गयी.

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एक जख्म पैर पर भी था, मुझे हर एक दो घंटे में जब भी जख्म की याद आती मैं पहुँच जाती पापा के पास ‘पापा…. तत्त्ता…. तत्त्ता… ‘ कहते कहते…

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….और उनको जख्म दिखा देती और पापा हर बार क्रीम लगा देते और मैं फिर खेल में बिजी हो जाती.